Thursday, August 26, 2010

दिल्ली में नहीं आई है बाढ़

डरा रही है मीडिया, दिल्ली में नहीं आई है बाढ़

हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण राजधानी में बाढ़ का खतरा पैदा होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। लेकिन अभी तक के जो हालात है, उससे दिल्ली की पब्लिक को डरने की जरूरत नहीं है। यह बाढ़ दिल्ली शहर का कुछ नहीं बिगाड़ने वाली।


खतरे के निशान कहां-कहां

बाढ़ एवं सिंचाई नियंत्रण विभाग के सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम तक यमुना का जलस्तर 205.95 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान (204.83 मीटर) से 1.12 मीटर ऊपर है। बाढ़ और उसके बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे डिप्टी कमिश्नर ईस्ट ऑफिस के बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार का कहना है कि गुरुवार को यमुना के लेवल में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन शुक्रवार को पानी छोड़ा गया तो लेवल एक बार फिर बढ़ सकता है। यमुना का लेवल बढ़ने से कुछ इलाकों में पानी भरा है - कश्मीरी गेट स्थित बस अड्डा, तिब्बती बाजार मोनेस्ट्री, यमुना बाजार स्थित निगम बोध श्मशान घाट से सटे इलाके, ओखला और सोनिया विहार का कुछ इलाका, गांव गढ़ी मांडू, बदरपुर।


ये बाढ़, वो बाढ़ नहीं

बाढ़ का खतरा सिर्फ यमुना नदी में पैदा हो रहा है। इससे राजधानी की दिनचर्या प्रभावित नहीं हुई है। खास बात यह है कि कश्मीर गेट स्थित मोनेस्ट्री से लेकर अन्य सभी जगहों में पानी इसलिए भरा कि वे इलाके यमुना के बिल्कुल करीब हैं या उसकी तलहटी में बसे हुए हैं। इसलिए यमुना का लेवल जरा-सा बढ़ने से वहां हमेशा ऐसे हालात हो जाते हैं। यमुना की तलहटी में खेती करने वाले किसानों को बाढ़ के कारण पहले ही वहां से हटा दिया गया है। कश्मीरी गेट बस अड्डे में जो थोड़ा पानी भरा है, उससे बसों की आवाजाही पर फर्क नहीं पड़ा है। वहां पानी भरने की वजह यह है कि वहां का सीवर सिस्टम सीधे यमुना में गिरता है। अब चूंकि यमुना में बाढ़ के हालात हैं, इसलिए सीवर के बैक फ्लो के कारण पानी बस अड्डे में कुछ पानी भरा। रेलवे ने एहतियात के तौर पर यमुना के सबसे पुराने पुल से ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है, जिस कारण बुधवार को 15 सब अर्बन ट्रेन कैंसल करनी पड़ी, 24 मेल, एक्सप्रेस आदि ट्रेन का रूट बदल दिया गया। इसके अलावा 25 मेल, एक्सप्रेस, सब अर्बन ट्रेनों का रूट छोटा कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली को बाढ़ से बचाने के लिए पुख्ता इंतजामों का दावा किया है और उसके कंट्रोल रूम के जरिए पूरी स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है।


क्या हैं इंतजाम

दिल्ली सरकार के बाढ़ एवं सिंचाई मंत्री राजकुमार चौहान का कहना है कि बाढ़ से निपटने के लिए करीब 114 बोट और 68 गोताखोरों को तैनात किया गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने भी अपने छोटे-बड़े नालों और दूसरी जगहों पर जलभराव रोकने के लिए 30 छोटे बड़े पंप लगाए हैं। नजफगढ़, जहांगीर पुरी के अलावा यमुना नदी में गिरने वाले सभी नालों के गेट बंद कर दिए गए हैं। एमसीडी कमिश्नर के. एस. मेहरा का कहना है कि यमुना में गिरने वाले 17 बड़े नालों में से एमसीडी के अधीन आठ नालों के यमुना के करीब बने गेट बंद कर दिए गए हैं, ताकि इनका पानी बैक फ्लो न करे। इन नालों का पानी पंपों के जरिए यमुना में गिराया जा रहा है, ताकि वह आबादी में न घुस जाए।

1 comment:

  1. yah aamjano ki aankh kholne wala aur manobal
    banaye rakhne ki patrakarita hai......keep it up sir....

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