Monday, August 16, 2010

Salary hike of Mp,s is dalayed

दिल्ली : अभी नहीं बढेगा माननीयों का वेतन

नई दिल्ली, 16 अगस्त । बात-बात पर एक दूसरे का विरोध करने वाले सांसदों की एक मुद्दे पर पूर्ण सहमति रहती हैऔर वो मुद्दा है वेतन वृध्दिा का। लेकिन वेतन वृध्दिा के लिए सांसदों का इंतजार और बढ गया है। क्योंकि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सांसदों की वेतन वृध्दिा पर फिलहाल अपना फैसला टाल दिया है।


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में राष्टन्ीय राजधानी में सम्पन्न बैठक में मंत्रिमंडल ने वेतन बढाने के फैसले को टाल दिया है । प्रधानमंत्री सांसदों को 50 हजार रुपए से ज्यादा वेतन देने को राजी नहीं है जबकि सांसदों की मांग है कि उनका वेतन 80 हजार रुपए प्रति माह होना चाहिए । सभी पार्टियों के सांसदों की इस मुद्दे पर एक मत से राय है कि उनका वेतन बढाना चाहिए । सांसदों के जबरदस्त दबाव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सांसदों का वेतन 60 हजार रुपए प्रति माह कर दिया जायेगा ।


सांसदों को वर्तमान में 16 हजार रुपए प्रति माह मिलते हैं । इसके अलावा संसद सत्र और अन्य बैठकों के नाम पर प्रमिदिन एक हजार रुपए मिलते हैं। संसदीय क्षेत्र का प्रतिमाह 20 हजार रुपए और कार्यालय के नाम पर भी उन्हें 20 हजार रुपए मिलते हैं। इसके अलावा सांसदों को प्रतिवर्ष अपनी पत्नी के साथ विमान में 34 मुफ्त यात्राएं और टन्ेन के प्रथम श्रेणी में भी किसी समय अपनी पत्नी सहित मुफ्त यात्रा का लाभ प्राप्त है। अपने कार्यकाल के दौरान इन्हें मुफ्त निवास की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।


सत्ताा पक्ष और विपक्ष के सांसदों की एक सुर में मांग है कि उनका वेतन 80 हजार रुपए, प्रतिदिन संसद की कार्यवाही का खर्च बढा कर दो हजार रुपए और संसदीय क्षेत्र के दौरे के नाम पर मिलने वाला मद भी 20 हजार से बढा कर 40 हजार रुपए किया जाए। सांसदों का तर्क है कि सचिव स्तर के अधिकारी का वेतन 80 हजार रुपए है जबकि वे वरीयता के अधार पर 23 वें क्रमांक पर आते है जबकि सांसदों का वरीयता स्तर 21 वां है ।


सांसदों के भारी दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि सदन के इसी सत्र में वेतन वृध्दिा को लागू किया जा सकता है। वेतन वृध्दिा का मामला मई 2006 से ही अटका पडा है । उसी समय इस मुद्दे पर संयुक्त संसदीय समिति बनाई गई थी। उसके बाद छठे वेतन अयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद सांसदों की वेतन वृध्दिा का मामला गरमाता रहा। सोमवार को इस मुद्दे पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक थी जो कि बेनतीजा ही समाप्त हुई।

No comments:

Post a Comment